Google Analytics Meta Pixel कहानी :तीन मछलियां - Ekhabri.com

कहानी :तीन मछलियां

आज रविवार के साथ ही लॉकडौन भी है।ऐसे में आप घर पर रह कर क्या करें ,ऐसा सवाल अक्सर आपके सामने होता हैं।और इसका हल आपको घर मे रह कर ही निकलना है। इस उलझन को थोड़ा आसान कर सकते हैं।

आज हम आपके लिए पंचतंत्र से कुछ अच्छी कहानियां लेके आ रहे है।जिन्हें आप अपने बच्चों को सुना कर आनंद लें।

एक नदी के किनारे उसी नदी से जुडा एक बडा जलाशय था। जलाशय में पानी गहरा होता हैं, इसलिए उसमें काई तथा मछलियों का प्रिय भोजन जलीय सूक्ष्म पौधे उगते हैं। ऐसे स्थान मछलियों को बहुत रास आते हैं। उस जलाशय में भी नदी से बहुत-सी मछलियां आकर रहती थी। अंडे देने के लिए तो सभी मछलियां उस जलाशय में आती थी। वह जलाशय लम्बी घास व झाडियों द्वारा घिरा होने के कारण आसानी से नजर नहीं आता था।

उसी मे तीन मछलियों का झुंड रहता था। उनके स्वभाव भिन्न थे। अन्ना संकट आने के लक्षण मिलते ही संकट टालने का उपाय करने में विश्वास रखती थी। प्रत्यु कहती थी कि संकट आने पर ही उससे बचने का यत्न करो। यद्दी का सोचना था कि संकट को टालने या उससे बचने की बात बेकार हैं करने कराने से कुछ नहीं होता जो किस्मत में लिखा है, वह होकर रहेगा।

एक दिन शाम को मछुआरे नदी में मछलियां पकडकर घर जा रहे थे। बहुत कम मछलियां उनके जालों में फंसी थी। अतः उनके चेहरे उदास थे। तभी उन्हें झाडियों के ऊपर मछलीखोर पक्षियों का झुंड जाता दिकाई दिया। सबकी चोंच में मछलियां दबी थी। वे चौंके ।

Read Also  माँ बम्लेश्वरी देवी दर्शन ...

एक ने अनुमान लगाया “दोस्तो! लगता हैं झाडियों के पीछे नदी से जुडा जलाशय हैं, जहां इतनी सारी मछलियां पल रही हैं।”

मछुआरे पुलकित होकर झाडियों में से होकर जलाशय के तट पर आ निकले और ललचाई नजर से मछलियों को देखने लगे।

एक मछुआरा बोला “अहा! इस जलाशय में तो मछलियां भरी पडी हैं। आज तक हमें इसका पता ही नहीं लगा।” “यहां हमें ढेर सारी मछलियां मिलेंगी।” दूसरा बोला।

तीसरे ने कहा “आज तो शाम घिरने वाली हैं। कल सुबह ही आकर यहां जाल डालेंगे।”

इस प्रकार मछुआरे दूसरे दिन का कार्यक्रम तय करके चले गए। तीनों मछ्लियों ने मछुआरे की बात सुन ला थी।

अन्ना मछली ने कहा “साथियो! तुमने मछुआरे की बात सुन ली। अब हमारा यहां रहना खतरे से खाली नहीं हैं। खतरे की सूचना हमें मिल गई हैं। समय रहते अपनी जान बचाने का उपाय करना चाहिए। मैं तो अभी ही इस जलाशय को छोडकर नहर के रास्ते नदी में जा रही हूं। उसके बाद मछुआरे सुबह आएं, जाल फेंके, मेरी बला से। तब तक मैं तो बहुत दूर अटखेलियां कर रही हो-ऊंगी।’

प्रत्यु मछली बोली “तुम्हें जाना हैं तो जाओ, मैं तो नहीं आ रही। अभी खतरा आया कहां हैं, जो इतना घबराने की जरुरत हैं हो सकता है संकट आए ही न। उन मछुआरों का यहां आने का कार्यक्रम रद्द हो सकता है, हो सकता हैं रात को उनके जाल चूहे कुतर जाएं, हो सकता है। उनकी बस्ती में आग लग जाए। भूचाल आकर उनके गांव को नष्ट कर सकता हैं या रात को मूसलाधार वर्षा आ सकती हैं और बाढ में उनका गांव बह सकता हैं। इसलिए उनका आना निश्चित नहीं हैं। जब वह आएंगे, तब की तब सोचेंगे। हो सकता हैं मैं उनके जाल में ही न फंसूं।”

Read Also  भगवान विश्वकर्मा ने एक रात में किया था इस मंदिर का निर्माण

यद्दी ने अपनी भाग्यवादी बात कही “भागने से कुछ नहीं होने का। मछुआरों को आना हैं तो वह आएंगे। हमें जाल में फंसना हैं तो हम फंसेंगे। किस्मत में मरना ही लिखा हैं तो क्या किया जा सकता हैं?”

इस प्रकार अन्ना तो उसी समय वहां से चली गई। प्रत्यु और यद्दी जलाशय में ही रही। भोर हुई तो मछुआरे अपने जाल को लेकर आए और लगे जलाशय में जाल फेंकने और मछलियां पकडने । प्रत्यु ने संकट को आए देखा तो लगी जान बचाने के उपाय सोचने । उसका दिमाग तेजी से काम करने लगा। आस-पास छिपने के लिए कोई खोखली जगह भी नहीं थी। तभी उसे याद आया कि उस जलाशय में काफी दिनों से एक मरे हुए ऊदबिलाव की लाश तैरती रही हैं। वह उसके बचाव के काम आ सकती हैं।

जल्दी ही उसे वह लाश मिल गई। लाश सडने लगी थी। प्रत्यु लाश के पेट में घुस गई और सडती लाश की सडांध अपने ऊपर लपेटकर बाहर निकली। कुछ ही देर में मछुआरे के जाल में प्रत्यु फंस गई। मछुआरे ने अपना जाल खींचा और मछलियों को किनारे पर जाल से उलट दिया। बाकी मछलियां तो तडपने लगीं, परन्तु प्रत्यु दम साधकर मरी हुई मछली की तरह पडी रही। मचुआरे को सडांध का भभका लगा तो मछलियों को देखने लगा। उसने निश्चल पडी प्रत्यु को उठाया और सूंघा “आक! यह तो कई दिनों की मरी मछली हैं। सड चुकी हैं।” ऐसे बडबडाकर बुरा-सा मुंह बनाकर उस मछुआरे ने प्रत्यु को जलाशय में फेंक दिया।

प्रत्यु अपनी बुद्धि का प्रयोग कर संकट से बच निकलने में सफल हो गई थी। पानी में गिरते ही उसने गोता लगाया और सुरक्षित गहराई में पहुंचकर जान की खैर मनाई।

Read Also  छत्तीसगढ़वासियों को अयोध्या से आया न्योता

यद्दी भी दूसरे मछुआरे के जाल में फंस गई थी और एक टोकरे में डाल दी गई थी। भाग्य के भरोसे बैठी रहने वाली यद्दी ने उसी टोकरी में अन्य मछलियों की तरह तडप-तडपकर प्राण त्याग दिए।

इस कहानी से क्या सीखें: भाग्य भी उन्ही का साथ देता है जो कर्म में विश्वास रखते हैं और कर्म को प्रधान मानते हैं। भाग्य के भरोसे हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने वाले का विनाश निश्चित हैं।

साभार: हिंदी साहित्य दर्पण का

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


हैदराबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट, मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को दिया न्योता

By User 6 / June 12, 2026 / 0 Comments
रायपुर/हैदराबाद।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेश की व्यापक संभावनाओं की जानकारी दी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़...

जगदलपुर के ट्री मैन ने राज्यपाल को भेंट किया मियाजाकी आम

By User 6 / June 16, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 16 जून 2026।छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में जगदलपुर के प्रसिद्ध ‘ट्री मैन’ संपत झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को दुनिया की सबसे महंगी आम प्रजातियों में शामिल मियाजाकी आम भेंट किया।...

आगामी चुनावों से पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल बढ़ाया गया

By User 6 / June 12, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 11 जून 2026।छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की सेवा अवधि बढ़ा दी गई है।...

आज है सोमवती अमावस्या, खास संयोग में करें यह उपाय 

By User 6 / June 15, 2026 / 0 Comments
वर्ष में कुल 12 अमावस्या आती है जिसमें सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या तिथि को सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है. सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-आराधना के लिए समर्पित होता है साथ ही अमावस्या तिथि...

छत्तीसगढ़ स्कूलों में अब गूंजेगा राष्ट्रगान, नई व्यवस्था लागू 2026 से

By User 6 / June 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 12 जून 2026।छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में अब शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र 2026-27 से...

शिक्षा मंत्री के जन्मदिन पर विधायक रिकेश सेन ने की खास अपील, कहा स्कूल खुलने की तिथि पर एक बार करें पुनर्विचार

By User 6 / June 15, 2026 / 0 Comments
रायपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए हर कोई यह विचार कर रहा है कि इतनी भयानक गर्मी में आखिर बच्चे कैसे स्कूल जाएंगे। इसे देखते हुए सोशल मीडिया में लगातार शिक्षा मंत्री और सरकार से गर्मी...

नक्सलियों के खजाने तक पहुंची सीआरपीएफ की टीम, 8 डंप बरामद

By User 6 / June 14, 2026 / 0 Comments
बीजापुर। 12 जून को सीआरपीएफ की 199 वाहिनी की संयुक्त टीम बी, एफ कंपनी एवं यंग प्लाटुन ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। पीडिया तथा कुप्पागुडा क्षेत्र केएड्री, हर्रा एवं मदुमपारागांवो की घने जंगल...

शराब दुकान में चोरी, 7 लाख से भरा लौकर लेकर चोर फरार

By User 6 / June 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर। रायपुर के सरोना स्थित कंपोजिट विदेशी शराब दुकान चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। हाथ साफ करते हुए चोर ने करीब 7 लाख रुपए से भरा लॉकर ही चुरा लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद चोर...

रायपुर में पहली बार महिला अपराधी पर जिलाबदर की बड़ी कार्रवाई

By User 6 / June 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराध और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार किसी महिला अपराधी को जिलाबदर किया है। कुख्यात महिला अपराधी मुस्कान रात्रे को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा...

रायपुर सहित पांच शहरों में 250 करोड़ रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के टेंडर जारी

By User 6 / June 17, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 17 जून 2026।छत्तीसगढ़ शासन ने शहरी विकास को नई दिशा देते हुए राज्य के पांच प्रमुख शहरों में रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत कर दी है। हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा इन परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी कर दी...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *