पृथ्वी के अंदर अब एक और नई चीज मिल गई है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में पृथ्वी के परत के नीचे पानी का भंडार खोज लिया है। ये पानी न तो ठोस है और न ही तरल और न ही गैस के रूप में। यह ब्रह्मांड रहस्यों से भरा हुआ है। अंतरिक्ष में कई प्रकार के मेटलों की खोज होती होती रहती है। उसी तरह पृथ्वी पर भी कोई ना कोई नई खोज होती रहती है। पृथ्वी के अंदर एक और नई चीज मिल गई है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में पृथ्वी के परत के नीचे पानी का भंडार खोज लिया है।
वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के नीचे पानी का महासागर ढूंढ निकाला है, जो हमारे पैरों से 643 किलोमीटर नीचे मिला है और यह एक चट्टान में जमा हुआ है। जिस चट्टान में यह पानी खोजा गया है उस चट्टान का नाम है रिंगवुडाइट चट्टान। वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का कहना है कि यह एक मेंटल रॉक है, जिसके अंदर एक परंपरागत स्पंज जैसी अवस्था में पानी जमा है।
इस चट्टान के अंदर पानी न तो ठोस है और ना ही तरल और ना ही किसी गैस के फॉर्म में यह कोई अनोखी चौथी चीज है। वैज्ञानिकों का कहना है की रिंगवुडाइट चट्टान एक स्पंज की तरह है जो पानी को सोख लेती है। इसका खुलासा इसकी खोज में जुटे भूभौतिकीविद् स्टीव जैकबसन ने किया।
स्टीव का कहना है कि यह चट्टान कुछ खास है, जो की हाइड्रोजन को आकर्षित करती है और पानी को खुद में सोखने देती है। इस खनिज में बहुत ज्यादा पानी हो सकता है। हमारे वैज्ञानिक दशकों से लापता हुए गहरे पानी की खोज कर रहे थे और यह हमारी इस खोज को समझने में और मदद कर सकता है। इस बात का पता तब चला, जब वैज्ञानिक भूकंप का अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने देखा कि भूकंपमापी पृथ्वी की सतह के नीचे शॉकवेव्स कैच कर रहे थे। इसके बाद पता चला की रिंगवुडाइट में पानी रुका हुआ था। वैज्ञानिकों की मानें तो चट्टान में मात्र एक फीसदी पानी है। इससे यह समझ जा सकता है कि पृथ्वी की सतह के नीचे महासागरों की तुलना में तीन गुना ज्यादा पानी मौजूद है।
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