रायपुर, 23 अगस्त 2026। तस्वीरें बीते हुए समय को वर्तमान से जोड़ती हैं। कभी वे इतिहास का दस्तावेज बनती हैं तो कभी जीवन के भूले-बिसरे पलों को फिर से जीवंत कर देती हैं। राजधानी रायपुर में आयोजित ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में भी कुछ ऐसा ही भावुक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी वर्षों पुरानी तस्वीरों के जरिए सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर की यादों को फिर से महसूस किया। इस दौरान उन्होंने कैमरा थामकर एक फोटो पत्रकार की तस्वीर भी खींची और आयोजन को यादगार बना दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में शामिल हुए। 19 अगस्त से आयोजित इस फोटो फेस्ट में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और फोटो पत्रकारों तथा ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरों की सराहना की।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री साय के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई पुरानी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई थीं। इन तस्वीरों को देखते हुए मुख्यमंत्री से जुड़ी कई पुरानी स्मृतियां ताजा हो गईं। उन्होंने साथ मौजूद लोगों के साथ अपने जीवन से जुड़े रोचक संस्मरण साझा किए।
पहली बार विधायक बनने के समय की एक तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री ने बताया कि उस समय उन्होंने विशेष रूप से सफारी सूट सिलवाया था। उनके इस सहज संस्मरण से आयोजन स्थल पर आत्मीय माहौल बन गया और लोगों ने भी इस पुराने किस्से को दिलचस्पी से सुना।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री के ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें भी आकर्षण का केंद्र रहीं। हल चलाते हुए अपनी तस्वीर देखकर उन्होंने खेती के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांव, खेत-खलिहान और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें उन्हें अपनी मिट्टी और पुराने दिनों की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण जीवन से जुड़े अपने अनुभव भी फोटो पत्रकारों के साथ साझा किए।
‘दृश्य संवाद 2026’ के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद कैमरा थाम लिया। आमतौर पर मुख्यमंत्री की गतिविधियों और भाव-भंगिमाओं को कैमरे में कैद करने वाले फोटो पत्रकार की तस्वीर इस बार मुख्यमंत्री ने स्वयं खींची। मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज आयोजन के खास आकर्षणों में शामिल रहा।
मुख्यमंत्री साय ने फोटो पत्रकारों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि तस्वीरें केवल किसी घटना या क्षण को दर्ज करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समय, समाज और स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजती हैं। कई बार एक तस्वीर बिना शब्दों के पूरी कहानी कह देती है। फोटो पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी घटनास्थल पर पहुंचकर समाज और इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में दर्ज करते हैं। उनका कार्य पत्रकारिता का महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पक्ष है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब की ओर से आयोजित ‘दृश्य संवाद 2026’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता की रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अनुभवी फोटो पत्रकारों के काम को देखने, समझने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े फोटो पत्रकारों, प्रतिभागियों और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
तस्वीरों में दिखे प्रकृति, संस्कृति और जनसरोकार के विविध रंग
पांच दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ में प्रेस फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरों को भी प्रदर्शित किया गया। प्रकृति एवं पर्यावरण, संस्कृति एवं परंपरा तथा समाचार एवं जनसरोकार जैसे विभिन्न विषयों पर आधारित तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ के जीवन, समाज और परिवेश के विविध रंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
पांच दिनों के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकारों, विद्यार्थियों, फोटोग्राफी प्रेमियों और नागरिकों ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी ने फोटो पत्रकारिता की रचनात्मकता के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को भी सामने रखा।
समापन समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े उपस्थित रहे। फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के संयोजक दीपक पांडे, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी, प्रदीप डडसेना, राजकुमार चतुर्वेदी, रुपेश यादव, नरेंद्र बंगाले, सुधीर सागर, रमन हलवाई, किशन लोखंडे, मनोज देवांगन, विजय देवांगन, विनय घाड़गे, पंकज चौहान, हीरा मानिकपुरी, त्रिलोचन मानिकपुरी, हेमंत गोस्वामी, जय गोस्वामी और पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।










