Google Analytics Meta Pixel क्या आप जानते हैं ? चटपटे गोलगप्पों की हिस्ट्री के बारे में - Ekhabri.com

क्या आप जानते हैं ? चटपटे गोलगप्पों की हिस्ट्री के बारे में

गोलगप्पों का नाम सुनते ही मुँह पानी आ जाता है। भारत में ऐसा कोई शहर नहीं होगा, जहां गोलगप्पे न बनाए और बेचे जाते हों। हां, क्षेत्र बदलने के साथ-साथ इनके नाम जरूर बदल सकते हैं, लेकिन इनके प्रति हम भारतीयों की भावनाएं बिल्कुल नहीं बदल सकती। गोलगप्पे एक ऐसा स्ट्रीट फूड है, जो आपको हर पार्टी और शादी में दिखेगा। आप गोलगप्पे खाते बड़े चाव से हैं, लेकिन क्या इसकी हिस्ट्री के बारे में कुछ भी जानते हैं ?

गोलगप्पे कब और कैसे बने होंगे, इस बारे में कभी आपने सोचा है?अगर नहीं, तो आज आप गोलगप्पों के रोचक इतिहास के बारे में जानने के लिए तैयार हो जाइए। यह भी जानिए कि गोलगप्पों का संबंध मगध और महाभारत से है।गोलगप्पे की उत्पत्ति के पीछे दो कहानियां बहुत ज्यादा प्रचलित हैं, जिनमें से एक ऐतिहासिक है तो एक पौराणिक है। ऐतिहासिक कहानी इसे मगध से जोड़ती है और पौराणिक कहानी के पीछे इसका संबंध महाभारत से दिखता है।

पौराणिक कहानी के अनुसार द्रौपदी ने बनाए थे गोलगप्पे
पौराणिक कथा के अनुसार, जब द्रौपदी पांडवों से शादी कर घर आईं, तो उन्हें उनकी सास कुंती ने एक काम पकड़ा दिया। पांडव चूंकि वनवास में थे, तो इसलिए उनके पास कम ही संसाधन थे और उन्हें उसी के सहारे गुजर-बसर करना था। कुंती यह परखना चाहती थीं कि द्रौपदी घर-बार संभालने में कितनी कुशल हैं, इसलिए उन्होंने द्रौपदी (द्रौपदी के 8 नाम कौन से थे, जानें) को कुछ बची हुई सब्जियां और एक पूरी बनाने के लिए थोड़ा गेहूं का आटा दिया और टास्क दिया कि वह कुछ ऐसा बनाएं, जो उनके सभी पुत्रों की भूख को संतुष्ट करे। द्रौपदी ने ऐसा कुछ बनाने का सोचा और तब उन्हें पानी पुरी या गोलगप्पे बनाने का आइडिया आया। ऐसा माना जाता है कि नई-नवेली दुल्हन द्रौपदी ने गोलगप्पे बनाकर पेश किए तो कुंती बहुत खुश हुईं और द्रौपदी को आशीर्वाद दिया।

Read Also  अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कश्मीर दौरे पर- परियोजनाओं का शुभारंभ-लोकार्पण किया

ऐतिहासिक कहानी के अनुसार मगध में बने थे गोलगप्पे
ऐसा माना जाता है कि ‘फुल्की’, जो गोलगप्पों का दूसरा नाम है, पहली बार मगध में बनाई गई थी। हालांकि, इसका आविष्कार करने वाला इतिहास के पन्नों में कहीं खो गया है। हो सकता है कि इसमें उपयोग की जाने वाली सामग्री बहुत अलग हो, लेकिन दावा यही किया जाता है कि इसे मगध में बनाया गया था। अगर इतिहास के पन्नों को पलटें तो देखा जा सकता है कि गोलगप्पे की दो महत्वपूर्ण सामग्री आलू और मिर्च, दोनों 300-400 साल पहले भारत आ गए थे, तो शायद यह भी सच हो। इसी कारण बिहार में इसे फुलकी कहा जाता है और आलू का चटपटा मसाला बनाकर उसमें भरकर खाया जाता है।

अलग-अलग नामों से जाना जाता है गोलगप्पा
गोलगप्पे का नाम भारत के विभिन्न क्षेत्रों के आधार पर भिन्न होता है। हरियाणा में इसे ‘पानी पताशी’ के नाम से जाना जाता है। मध्य प्रदेश में ‘फुलकी’, उत्तर प्रदेश में ‘पानी के बताशे’ या ‘पड़के’; असम में ‘फुस्का’ या ‘पुस्का’, ओडिशा के कुछ हिस्सों में ‘गुप-चुप’ और बिहार, नेपाल, झारखंड, बंगाल और छत्तीसगढ़ में ‘फुचका’ नाम से जाना जाता है। इसके साथ अलग-अलग तरह गोलगप्पे का पानी (ऐसे बनाएं गोलगप्‍पे का मीठा पानी), चटनी, मसाला आदि भी शहर के साथ बदलता रहता है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव, कई के हुए तबादले  

By User 6 / July 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने में आया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 64 निरीक्षकों (टीआई) के तबादला किया गया हैं। यह आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा...

देर से मानसून पर घबराएं नहीं किसान, वैज्ञानिक तरीके से बढ़ेगी धान पैदावार

By User 6 / July 11, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 11 जुलाई 2026।खरीफ सीजन में मानसून के देर से सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई किसान समय पर धान की बुवाई या रोपाई नहीं कर पाए हैं। इस स्थिति में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के प्रोफेसर डॉ....

बस थोड़े से कनेर के फूल लें और देखिए क्या होगा बदलाव आपके जीवन में

By User 6 / July 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है. ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ-साथ कुछ सरल उपायों को करना शास्त्रों में बहुत फलदायी माना गया है. शास्त्र, हिंदू धर्म और...

कांग्रेस की स्थिति पर अमित जोगी ने कही बड़ी बात, कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर है सहारे की जरूरत

By User 6 / July 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कांग्रेस की हालिया स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति काफी चिंताजनक है.आज राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को सहारे की जरूरत है,छत्तीसगढ़ में जनता...

विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई को विधानसभा में नमन

By User 6 / July 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 13 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।   सदन...

राज्य में फिर से मानसून होगा सक्रिय झमाझम बारिश के आसार

By User 6 / July 10, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से बस्तर संभाग...

अटेंशन की दौड़ में भ्रामक खबरें बनीं लोकतंत्र के लिए खतरा

By User 6 / July 10, 2026 / 0 Comments
रायपुर। डिजिटल युग में तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य के बीच पत्रकारिता की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर मंथन हुआ। जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि अटेंशन की होड़ में भ्रामक खबरों का बढ़ना लोकतंत्र और समाज दोनों...

भिलाई स्टील प्लांट में भयानक हादसा, केबिन टूटकर 50 फिट नीचे गिरा

By User 6 / July 10, 2026 / 0 Comments
दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट से बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है, ब्लास्ट फर्नेस एरिया में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. खबर है कि ब्लास्ट फर्नेस के रॉ मैटेरियल एरिया में संचालित ओवर ब्रिज क्रेन नंबर-4 का केबिन...

विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा, राममंदिर चंदा चोरी पर चली जमकर बहस

By User 6 / July 13, 2026 / 0 Comments
रायपुर। अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर के चंदे में चोरी के मामले को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि जनता की आस्था से खिलवाड़ हुआ है और काम रोको प्रस्ताव...

कल से है गुप्त नवरात्रि, साधना और जाप का है विशेष महत्व

By User 6 / July 14, 2026 / 0 Comments
रायपुर. आषाढ़ मास का गुप्त नवरात्र 15 जुलाई से शुरू होगा। नौ देवियों और 10 महाविद्याओं की देवियों की आराधना होगी। श्रद्धालु कलश स्थापना के साथ घरों में पूजन-अर्चन करेंगे। वहीं, साधक तांत्रिक साधना करेंगे। 23 जुलाई को नवरात्र की...