दो करोड़ में हो रही थी सरपंच पद की नीलामी, चुनाव रद्द

महाराष्ट्र में नेताओं और उम्‍मीदवारों के बीच सरपंच पद के लिए दो करोड में बोली लगाई जा रही थी। किसी ने सरपंच पद की नीलामी का वीडियो वायरल कर दिया। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा तो आयोग ने चुनाव प्रकिया पर ही रोक लगा दिया।

राज्य चुनाव आयुक्त यू पी एस मदन ने सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों के पदों की नीलामी के आरोपों के बाद नासिक जिले के उमरेन गांव और नंदुरबार जिले के खोंडामाली गांव में चुनाव रद्द करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई सरपंच और सदस्य के पदों के लिए सार्वजनिक रूप से बोली लगने के साक्ष्य सामने आने के बाद की गई है।

महाराष्ट्र के 34 जिलों के 14 हजार 234 ग्राम पंचायतों में 15 जनवरी से पंचायत चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले चुनाव आयोग को ऐसी शिकातय मिली है कि कुछ ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए बोली लगाई जा रही है। सरपंच पद की नीलामी का मामला संज्ञान में आने के बाद राज्‍य चुनाव आयुक्‍त ने सभी जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब करते हुए दो ग्राम पंचायतों को चुनाव रद्द करने का फैसला किया है।

सरपंच पद की नीलामी का यह मामला तब सामने आया जब नासिक के उमराणे गांव में सरपंच पद के लिए दो करोड़ 42 लाख रुपए तक बोली लगाई गई। नासिक के उमराणे गांव की तरह ही उत्तर महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले के खोड़ामली गांव में भी सरपंच पद की नीलामी का मामला भी सामने आया है। खास बात ये हैं कि नीलामी की इस प्रक्रिया को किसी भी तरह से गुप्‍त नहीं रखा गया था। नीलामी की इस पूरी प्रक्रिया को श्री रामेश्वर महाराज मंदिर प्रांगण में संपन्न किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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उमराणे गांव में सरपंच पद की नीलामी एक करोड़ 11 लाख से शुरू हुई और 2 करोड़ 42 लाख में पूरी हुई। इस नीलामी प्रक्रिया में पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रशांत देवरे के पैनल के सुनील दत्तू देवरे को सरपंच पद पर जीत तय हुई। उमराणे गांव इस लिए भी काफी अहम है क्‍योंकि यहां पर प्याज बाजार समिति भी है।

महाराष्‍ट्र में ग्राम पंचायत चुनाव से पहले सरपंच पद की नीलामी की शिकायत खुद ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रिफ ने की थी। मंत्री मुश्रिफ द्वारा मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य चुनाव आयुक्त यूपीएस मदान ने सोमवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों को ग्राम पंचायत चुनाव के संदर्भ में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों ही ग्राम पंचायतों के चुनावों को रद्द करने का फैसला किया है।

महाराष्ट्र के 34 जिलों में 14 हजार 234 ग्राम पंचायतों में 15 जनवरी को मतदान किया जाएग। मतदान के प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद 18 जनवरी को मतगणना होगी। ये चुनाव 31 मार्च 2020 से पहले हो जाने थे लेकिन कोरोना महामारी के चलते चुनाव को टालना पड़ा था।

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